DEVBHOOMI CRIME NEWS
![]() |
| पश्चिम बहनी बाण गंगा |
लोकेशन पंचलेश्वर महादेव मंदिर लक्सर हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट :- सुमित कश्यप
जहां एक तरफ माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कहने से मजबूर होकर नेता लोग साफ सफाई की बात करते हैं और स्वच्छ भारत अभियान के तहत जहां गंगा स्वच्छता मिशन की टीम भी बनाई हुई है वही यदि अगर लक्सर की बात करें तो सब दावे फीके पड़ जाते हैं क्योंकि पंचेश्वर महादेव मंदिर के पास स्थित मां बाणगंगा जिसे इसे सदियों पुरानी पश्चिम बहनी मां गंगा के नाम से भी जाना जाता है और जिसका महाभारत के पांचो पांडव से भी नाता रह चुका है आज यदि उस मां गंगा की बात करें तो सिर्फ एक कूड़े का ढेर बन कर रह गई है क्योंकि चारो तरफ गंदगी का अंबार और सिर्फ गंदगी दिखाई देगी क्योंकि आज तक कितनी भी सरकारें क्यों ना ही हो लेकिन मां गंगा की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता पश्चिम बहनी मां गंगा के बारे में ऐसा माना जाता है की महाभारत के समय में पांचो पांडव यहां अपने सराप को धोने आए थे और वह यही समा गए थे क्योंकि उन्हें यह कहा गया था की जहां साथ सोने की सीढ़ियां हो और 5 पूजनीय वृक्ष हो वहां पर तुम्हें शिवलिंग मंदिर की स्थापना कर पूजा अर्चना करनी पड़ेगी तब जाकर उन्हें पित्र मोक्ष की प्राप्ति होगी इसलिए पांचो पांडव के द्वारा स्थापित किया गया मंदिर पंचलेश्वर महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता यहां पर एक पुराणिक गाथा और भी है लेकिन यदि हम मेन मुद्दे की बात करें तो वह मुद्दा केवल यह है कि गंगा में जो भी सदियों पहले पानी आया करता था उस पानी को सरकार ने भोगपुर में बांध बनाकर डायवर्ट कर दिया था जिससे पश्चिम बहिनी गंगा सूख चुकी है लेकिन मां गंगा में आज भी देखे तो दिव्य शक्ति चमकती है क्योंकि यह पश्चिम वाहिनी गंगा है और इसमें खुद ही पानी के स्रोत चलते हैं जिससे इसमें दूरदराज के लोग पिंडदान करने आते हैं मगर साफ-सफाई को देखते हुए और पानी की कमी से वह स्नान नहीं कर पाते और उन्हें गंगा के पास में लगे एक छोटे से हेडपंप से नहाना पड़ता है क्योंकि गंगा में जितना भी थोड़ा बहुत जल है सब दूषित है हालांकि श्रद्धा भाव से आए हुए दूरदराज के यात्री व पिंडदान करने वाले व्यक्ति स्वच्छ होने के लिए गंदगी ना देखते हुए भी इसी पश्चिम बहने मां गंगा में हाथ मुंह धो कर पिंडदान करते हैं यदि शासन प्रशासन की बात करें तो सब ही एक दूसरे विभागीय अधिकारी और विधायकों पार्टी के ऊपर ढैकरा फोड़ते हैं देखना यह है कि आखिरकार कब तक प्रशासन व लक्सर क्षेत्र से विधायक और नेता लोग आगे आते हैं
या सिर्फ महाभारत काल की निशानी पश्चिम बहनी गंगा कूड़े के ढेर में दब कर दफन हो जाएगी


